बीकानेर के नायरा पेट्रोल पंप पर दिल दहला देने वाला हादसा: लोहे का भारी ढक्कन गिरने से 23 साल के युवक की दर्दनाक मौत
बीकानेर। बीकानेर जिले के श्री डूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के गुसाईसर बड़ा गांव स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर रात के अंधेरे में एक भयानक हादसा हो गया। मात्र 23 साल का युवक लूणाराम Meghwal (पिता तोलाराम मेघवाल) पेट्रोल पंप पर नाइट ड्यूटी कर रहा था। रविवार देर रात करीब 2 बजे वह अंडरग्राउंड डीजल टैंक का भारी लोहे का ढक्कन बंद करने गया था। तभी अचानक उसका पैर फिसला और वह टैंक के मुहाने पर गिर पड़ा। इसी दौरान कई क्विंटल वजनी लोहे का ढक्कन ऊपर से उसके ऊपर जा गिरा।ढक्कन इतना भारी था कि लूणाराम का पूरा धड़ उसकी छाती और गले तक दब गया। सिर्फ उसका सिर और एक पैर ही बाहर रह गया। गले पर सीधे दबाव पड़ने से उसकी सांस की नली बुरी तरह दब गई और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे का समय और हालात; तारीख : 23-24 नवंबर 2025 की रात (रविवार देर रात लगभग 2 बजे),स्थान : नायरा पेट्रोल पंप, गुसाईसर बड़ा गांव, श्री डूंगरगढ़ (बीकानेर),मृतक : लूणाराम मेघवाल (उम्र 23 वर्ष), पिता तोलाराम मेघवाल, कारण : पैर फिसलने से अंडरग्राउंड डीजल टैंक का भारी लोहे का ढक्कन युवक पर गिर गया
घटना कैसे हुई? पेट्रोल पंप पर रात की ड्यूटी में अक्सर एक ही कर्मचारी रहता है। लूणाराम रात भर ड्यूटी कर रहा था। टैंकर से डीजल उतरने के बाद अंडरग्राउंड टैंक का ढक्कन बंद करना उसका रूटीन काम था। ढक्कन काफी भारी होता है और उसे खोलने-बंद करने के लिए खास तरह का हैंडल या लीवर इस्तेमाल किया जाता है। रात के समय अकेले काम करते हुए संभवतः वह फिसला और ढक्कन उसके ऊपर गिर गया। चूंकि ढक्कन सीधे गले पर गिरा, इसलिए उसकी चीख तक नहीं निकल पाई और कोई मदद भी नहीं पहुंच सकी।सुबह पता चला हादसासुबह जब पेट्रोल पंप के अन्य कर्मचारी और मालिक पहुंचे तो यह भयावह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। लूणाराम का सिर और एक पैर बाहर था, बाकी पूरा शरीर भारी लोहे के ढक्कन के नीचे दबा हुआ था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। श्री डूंगरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से ढक्कन हटवाया गया। तब जाकर शव को बाहर निकाला जा सका।पुलिस और पोस्टमार्टमश्री डूंगरगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मर्ग की कार्यवाही की गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भिजवाया गया। प्रथम दृष्टया यह पूरी तरह दुर्घटना लग रही है। पुलिस ने पेट्रोल पंप मालिक से भी पूछताछ शुरू कर दी है कि क्या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। अंडरग्राउंड टैंकों के ढक्कनों पर आम तौर पर सेफ्टी लॉक या दो आदमियों की जरूरत का प्रावधान होता है, लेकिन कई जगहों पर यह नियम पालन नहीं किया जाता।
परिवार पर छाया मातम;
लूणाराम की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मात्र 23 साल की उम्र में कमाने वाला इकलौता बेटा परिवार से छिन गया। उसके पिता तोलाराम मजदूरी करते हैं। लूणाराम पिछले कुछ महीनों से इसी पेट्रोल पंप पर नौकरी कर रहा था और घर की आर्थिक जिम्मेदारी उठा रहा था।
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