हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी: परिसर खाली, न्यायालय भी प्रभावित, तलाशी जारी
हनुमानगढ़ (राजस्थान), 15 दिसंबर 2025: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा सुरक्षा हादसा टल गया, जब जिला कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। प्रशासन की आधिकारिक ईमेल आईडी पर आई इस धमकी भरी मेल के बाद पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को तुरंत खाली कराया गया। एहतियात के तौर पर कलेक्ट्रेट से सटे जिला न्यायालय परिसर को भी खाली करवाया गया। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर चप्पे-चप्पे की तलाशी शुरू कर दी है। अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है।
धमकी कैसे मिली और क्या लिखा था? सूत्रों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल प्रशासन की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सुबह करीब 10:30 बजे के आसपास आया। मेल में स्पष्ट रूप से कलेक्ट्रेट को केवल 5 मिनट में बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह देखते ही प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी किया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई शुरू कर दी।एडीएम उम्मेदीलाल मीणा ने मीडिया को बताया, "प्रशासन की ईमेल पर धमकी भरा मेल मिला, जिसके बाद हमने हर संभव सावधानी बरतते हुए परिसर खाली कराया है। बम स्क्वॉड को बुलाया गया है और ईमेल की भी गहन जांच की जा रही है।"
तुरंत कार्रवाई: परिसर खाली, सुरक्षा कड़ी धमकी मिलते ही मुख्य भवन में काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकलने के निर्देश दिए गए। पहले कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट के लॉन और खुली जगह पर इकट्ठा किया गया, फिर पूरे परिसर से बाहर कर दिया गया। कलेक्ट्रेट के सभी गेट सील कर दिए गए। पुलिस बल तैनात कर किसी को भी अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। कलेक्ट्रेट से जुड़े जिला न्यायालय परिसर को भी एहतियातन खाली कराया गया। वहां मौजूद वकील, कर्मचारी और आम लोग बाहर निकाले गए। बड़ी संख्या में दमकल गाड़ियां भी परिसर में पहुंच गईं, ताकि किसी अनहोनी पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। बाहर खड़े कर्मचारी, वकील और अन्य लोग दुकानों के पास इंतजार कर रहे हैं। पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।
राजस्थान में बम धमकियों का सिलसिला यह घटना राजस्थान में हाल के दिनों में बम धमकियों की श्रृंखला का हिस्सा लग रही है। दिसंबर महीने में ही जयपुर हाईकोर्ट, कोटा कलेक्ट्रेट, अजमेर दरगाह और कलेक्ट्रेट जैसी महत्वपूर्ण जगहों को इसी तरह की ईमेल धमकियां मिल चुकी हैं। ज्यादातर मामलों में धमकियां फर्जी (होक्स) साबित हुईं, लेकिन हर बार बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस और साइबर सेल इन धमकियों के स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं।
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