बीकानेर में झोपड़ों में भीषण आग: सो रहे 7 लोग समय रहते बचे, दीपक या चूल्हे की चिनगारी से हादसे की आशंका
बीकानेर के ठुकरियासर गांव में देर रात दो झोपड़ों में भीषण आग लग गई। अंदर सो रहे 7 लोग बाल-बाल बचे, लेकिन पूरा सामान जलकर राख हो गया। दीपक या चूल्हे से आग लगने की आशंका।
बीकानेर में झोपड़े में लगी आग: अंदर सो रहे 7 लोग बाल-बाल बचे
बीकानेर जिले के ठुकरियासर गांव में देर रात बड़ा हादसा हो गया। गांव धोलिया की रोही में ठुकरियासर रास्ता पर किसान रामस्वरूप नायक की ढाणी में अचानक भीषण आग भड़क उठी। रात करीब एक बजे के बाद लगी इस आग ने देखते ही देखते दोनों झोंपड़ों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे के समय झोंपड़ों में परिवार के सात सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे, लेकिन समय रहते गर्मी और धुएं से नींद खुल गई। चीख-पुकार मचते ही सभी ने भागकर जान बचाई और किसी तरह झोंपड़ों से सुरक्षित बाहर निकल पाए।
दो झोंपड़ों में सो रहे थे 7 लोग
दोनों झोंपड़ों में रामस्वरूप, उनकी पत्नी, दो बच्चे, उनकी माता और दो भतीजे सो रहे थे। अचानक आग फैलने के बाद महिलाओं ने बच्चों को उठाया और सभी परिवारजन दौड़ते हुए बाहर आए। हालांकि उनकी आंखों के सामने ही पूरा सामान जलकर राख हो गया।
दीपक या चूल्हे की चिनगारी से लगी आग की आशंका
रामस्वरूप ने बताया कि खेत में बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण रात में सिर्फ एक दीपक जलाया गया था। आशंका है कि दीपक गिर गया होगा या चूल्हे की कोई चिनगारी सूखे घास-फूस तक पहुंच गई होगी, जिससे आग फैल गई।
परिवार ने मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि दोनों झोंपड़े धू-धूकर जलते रहे और सबकुछ नष्ट हो गया।
दो दिन पहले खरीदा राशन भी जलकर राख
आग से परिवार पूरी तरह टूट गया है। रामस्वरूप के अनुसार दो दिन पहले ही ग्वार बेचकर 10 हजार रुपए का राशन खरीदा था, जो आग में जल गया। इसके अलावा 7-8 हजार रुपए नगद, अनाज, ग्वार, तिल, बाजरा, कपड़े, बिस्तर, बर्तन और जूते-चप्पल तक सबकुछ राख हो गया।
घटना के बाद परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
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