राजस्थान: जानवर की खोपड़ी के साथ फ्रांस का दंपती गिरफ्तार, बीकानेर एयरपोर्ट पर खुला तस्करी का शक
बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पर फ्रांस के पति-पत्नी के पास जानवर की खोपड़ी मिलने से हड़कंप मच गया। वन्यजीव तस्करी की आशंका, जांच रिपोर्ट का इंतजार।
बीकानेर: राजस्थान के नाल सिविल एयरपोर्ट पर शनिवार (13 दिसंबर) रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान फ्रांस के पति-पत्नी के पास जानवर की खोपड़ी बरामद की गई। मामले को गंभीर मानते हुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल दोनों विदेशी नागरिक बीकानेर के एक सरकारी होटल में वन विभाग की निगरानी में रखे गए हैं। मामले की जानकारी दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास को भी दे दी गई है।
जानकारी के अनुसार, फ्रांसीसी दंपती नाल एयरपोर्ट से दिल्ली जाने के लिए चेक-इन कर रहे थे। इसी दौरान उनके लगेज की स्कैनिंग में एक संदिग्ध वाइल्डलाइफ आइटम नजर आया। एयरपोर्ट स्टाफ ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। जांच में पाया गया कि वह जानवर की खोपड़ी जैसा आर्टिकल है, जिसके बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि खोपड़ी का मुख्य हिस्सा हड्डी का बना हुआ है, जबकि सींग लकड़ी के प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि यह असली वन्यजीव का अंग है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
इस आर्टिकल को देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
पूछताछ में फ्रांसीसी दंपती ने बताया कि वे भारत की आठवीं बार यात्रा पर आए हैं। उन्होंने यह आइटम नागालैंड में आयोजित एक प्रदर्शनी से खरीदा था और इसे एक सजावटी वस्तु समझकर अपने साथ ले जा रहे थे।
हालांकि वन विभाग वन्यजीव तस्करी के एंगल से भी मामले की गहन जांच कर रहा है।
वन मंडल अधिकारी वेंकटेश के अनुसार, यदि जांच में यह आर्टिकल किसी संरक्षित वन्यजीव का अंग पाया जाता है, तो आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग, सुरक्षा एजेंसियां और विदेश मंत्रालय की नजर बनी हुई है।
राजस्थान-जानवर की खोपड़ी के साथ फ्रांस के पति-पत्नी गिरफ्तार: एयरपोर्ट पर तलाशी में पकड़ा, तस्करी की आशंका
दिल्ली जा रहे थे, एयरपोर्ट पर पकड़े गए
🦴 जांच में क्या सामने आया?
केस से जुड़ी मुख्य जानकारी (Quick Facts)
मामला
जानवर की खोपड़ी बरामद
स्थान
नाल सिविल एयरपोर्ट, बीकानेर
आरोपी
फ्रांस के पति-पत्नी
कानून
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम
जांच एजेंसी
वन विभाग, बीकानेर
रिपोर्ट
20–25 दिन में आने की संभावना
नागालैंड से खरीदा था आइटम
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
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