गहलोत की असली राजनीति बेनकाब? पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद अंसारी का बड़ा आरोप वायरल

सैयद अंसारी, जो 18 वर्ष कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहे और अशोक गहलोत के करीबी माने जाते थे, अब खुलकर उनके खिलाफ बोले। मुस्लिमों की उपेक्षा, टिकट राजनीति और चुनावी हस्तक्षेप के गंभीर आरोप। जोधपुर कांग्रेस में हलचल।

Nov 24, 2025 - 11:17
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गहलोत की असली राजनीति बेनकाब? पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद अंसारी का बड़ा आरोप वायरल

अशोक गहलोत पर अजीज दोस्त की ही बगावत, सैयद अंसारी के आरोपों से जोधपुर कांग्रेस में खलबली

राजस्थान की राजनीति में बड़ा भूचाल तब आया जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सबसे करीबी रहे सैयद अंसारी ने ही उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जोधपुर, जिसे गहलोत का गढ़ माना जाता है, वहां कांग्रेस में अब खुले तौर पर कलह सामने आ गई है।

जोधपुर के पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष और 18 साल तक संगठन के मजबूत चेहरे रहे सैयद अंसारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर गहलोत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों ने जिले की कांग्रेस राजनीति को हिला कर रख दिया है।

“गहलोत ने मुस्लिमों का सिर्फ वोट के लिए उपयोग किया” — अंसारी

अंसारी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अशोक गहलोत ने हमेशा मुस्लिम समाज को सिर्फ अपने चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन उन्हें कभी सत्ता में हिस्सेदारी नहीं दी।

अंसारी ने आरोप लगाया कि गहलोत मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट तो देते हैं, लेकिन खुद की जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्हें हराते भी हैं। उन्होंने कहा, “मुझे तीन बार सूरसागर से टिकट तो मिला, लेकिन कभी जीतने नहीं दिया गया।”

पहला चुनाव: 495 वोट से हारा, “एजेंट तक नहीं भेजे”

सैयद अंसारी के अनुसार, पहली बार सूरसागर से चुनाव लड़ते समय वे 495 वोट से हारे, लेकिन उस समय कांग्रेस की तरफ से मतगणना में एक भी एजेंट नहीं भेजा गया।

उन्होंने दावा किया कि वह मामला अदालत गया और वह कोर्ट में चुनाव जीत भी गए, लेकिन मामला बाद में सुप्रीम कोर्ट में चला गया, जहां निर्णय नहीं हो पाया।

दूसरा चुनाव: “गहलोत के करीबी मेरे खिलाफ काम करते रहे”

अंसारी ने कहा कि दूसरी बार भी वे बहुत कम अंतर से हारे और उस दौरान गहलोत के कई करीबी नेता खुले तौर पर उनके खिलाफ सक्रिय थे।

तीसरा चुनाव: “मेरे खिलाफ पैसे बांटे गए, बाद में उसी व्यक्ति को टिकट मिला”

तीसरी बार सूरसागर से चुनाव लड़ते समय, अंसारी ने गहलोत के एक खास नेता पर पैसे बांटकर उन्हें हराने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि हार के बावजूद उस व्यक्ति को बाद में टिकट भी दे दिया गया, जबकि उन्हें लगातार किनारे लगाया गया।

“मेरा परिवार स्वतंत्रता सेनानी है, लेकिन मुस्लिमों को कभी भागीदारी नहीं दी गई”

सैयद अंसारी ने यह भी कहा कि वे 50 वर्षों से कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता हैं और उनका परिवार स्वतंत्रता सेनानी रहा है, लेकिन इसके बावजूद मुस्लिम समाज को संगठन और सत्ता में कभी उचित भागीदारी नहीं दी गई।

जोधपुर कांग्रेस में भूचाल

अंसारी के बयान के बाद जोधपुर कांग्रेस गुटबाजी में बुरी तरह उलझ गई है। पार्टी कार्यकर्ता और नेता इस मामले को लेकर दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं।

जोधपुर में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या अंसारी का यह खुला विरोध गहलोत गुट के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत है या यह आने वाले चुनावी समीकरणों का पूर्वाभास है?

गहलोत की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं

अंसारी की पोस्ट वायरल होने के बाद राजनीति गर्माई हुई है, लेकिन अशोक गहलोत की ओर से अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है।

— रिपोर्ट: अब तक भारत न्यूज़ डेस्क

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