कोटा: बहू ने सास-ससुर और परिवार के 11 सदस्यों पर लगाया जमीन हड़पने का आरोप, धोखाधड़ी का मामला दर्ज
राजस्थान के कोटा शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां रायपुरा इलाके की रहने वाली एक विधवा महिला दीपिका ने अपने सास-ससुर और परिवार के कुल 11 सदस्यों पर गंभीर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। दीपिका का कहना है कि उसके सास-ससुर ने षड्यंत्र रचकर उसके दिवंगत पति लोकेश के नाम की 5 बीघा जमीन हड़प ली। कोर्ट के आदेश पर उद्योग नगर थाने में इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। यह मामला परिवारिक रिश्तों में विश्वासघात और संपत्ति विवाद की गहरी पीड़ा को उजागर करता है।
घटना की पूरी कहानी दीपिका के पति लोकेश टेंट हाउस का व्यवसाय चलाते थे। उनके नाम पर खेड़ारामपुर गांव में करीब 5 बीघा कृषि भूमि थी। साल 2012 में, जब लोकेश की तबीयत खराब थी (उन्हें पीलिया और ब्लड प्रेशर की गंभीर बीमारी थी), सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों ने कथित तौर पर धोखे से उनसे कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए। इन कागजातों के जरिए ससुर भैरूलाल ने खुद के नाम पर जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी बना ली। इसकी कोई जानकारी लोकेश या दीपिका को नहीं दी गई।इस साल जब दीपिका ने लोन लेकर गाड़ी खरीदने के लिए जमीन के दस्तावेज बैंक में जमा किए, तब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। पता चला कि पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए ससुर ने उसी जमीन को अपनी पत्नी (सास) के नाम मात्र 4 लाख रुपये में बेच दिया। यह खुलासा होते ही लोकेश की तबीयत और बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सितंबर महीने में उनकी मौत हो गई।दीपिका अब तीन छोटी बेटियों की अकेली मां है। सबसे बड़ी बेटी की उम्र मात्र 13 साल है। पति की मौत के बाद उनके पास कोई स्थायी आय का स्रोत नहीं बचा है, और अब पति के नाम की एकमात्र संपत्ति भी सास-ससुर के हाथ चली गई। दीपिका का आरोप है कि इस पूरी साजिश में सास-ससुर के अलावा 5 ननदें और 4 ननदोई भी शामिल थे। सभी ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा।
कानूनी कार्रवाई परेशान होकर दीपिका ने ACJM PCPNDT एक्ट कोर्ट में शिकायत पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सबूतों और तथ्यों की जांच के बाद 10 दिसंबर को उद्योग नगर पुलिस को निर्देश दिया कि सास-ससुर समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की जाए।दीपिका के वकील लोकेश कुमार सैनी ने बताया कि शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि परिवार के सदस्यों ने मिलीभगत से पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाई और फिर जमीन को सास के नाम ट्रांसफर कर दिया। यह पूरी प्रक्रिया धोखे से की गई, क्योंकि लोकेश बीमार थे और उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई।
पुलिस की जांच उद्योग नगर थाने के ASI सतवीर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि बहू के आरोपों पर 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ससुर भैरूलाल ने बेटे लोकेश के नाम से जमीन खरीदी थी, लेकिन बाद में धोखे से पावर ऑफ अटॉर्नी खुद के नाम करवाई और फिर इसे अपनी पत्नी को बेच दिया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। सभी आरोपियों से पूछताछ और दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है।
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